जब एक रिश्ता प्यार से ज़्यादा उम्मीदों का बोझ बन जाए, तो वो थकाने लगता है। जानिए ऐसे रिश्तों में खुद को कैसे संभालें और अपनी भावनाओं की कदर कैसे करें।
रिश्ते निभाने की ज़िम्मेदारी सिर्फ औरत की क्यों?
क्या रिश्ते निभाना सिर्फ महिलाओं की ज़िम्मेदारी है? इस भावनात्मक लेख में जानिए सामाजिक सोच, पुरुषों की भूमिका और संतुलन के उपाय। पढ़िए दिल से जुड़ी बातें।