कई बार रिश्ते में एक इंसान ही सब कुछ निभाता है, और दूसरा सिर्फ उम्मीदें करता है। जानिए कैसे इस असंतुलन को समझें, संभालें और खुद को खोने से बचाएं।
कभी-कभी सबसे ज़्यादा अपने ही तोड़ते हैं…
जब अपनों से ही सबसे ज़्यादा चोट मिलती है, तब दर्द गहरा होता है। जानिए ऐसे पलों में खुद को कैसे संभालें और दिल को कैसे मजबूत करें।